बस्तर में पहली बार राष्ट्रीय सहकारिता का महाकुंभ! 15 राज्यों के सचिव, 14 राज्यों के रजिस्ट्रार जुटेंगे, छत्तीसगढ़ दिखाएगा 2,058 एम-पैक्स वाला मॉडल


रायपुर, 6 अक्टूबर 2026। बस्तर अब सिर्फ जनजातीय संस्कृति और प्राकृतिक विरासत के लिए ही नहीं, बल्कि सहकारिता के राष्ट्रीय मॉडल पर होने वाली बड़ी चर्चा का केंद्र बनने जा रहा है। जगदलपुर में 8 और 9 अक्टूबर को पहली बार राष्ट्रीय सहकारिता सम्मेलन आयोजित होगा, जिसमें देशभर के वरिष्ठ अधिकारी ‘सहकार से समृद्धि’ की अगली कार्ययोजना पर मंथन करेंगे।

भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय की ओर से आयोजित इस सम्मेलन में 15 राज्यों के सहकारिता सचिव और 14 राज्यों के सहकारी समितियों के पंजीयक शामिल होंगे। सम्मेलन की अध्यक्षता सहकारिता मंत्रालय के सचिव आशीष कुमार भूटानी करेंगे।

सम्मेलन में सिर्फ योजनाओं की समीक्षा नहीं होगी, बल्कि सहकारिता क्षेत्र के लिए अगले तीन महीनों की कार्ययोजना तैयार की जाएगी। चर्चा के केंद्र में एम-पैक्स और दुग्ध समितियों का गठन, कंप्यूटरीकरण, डिजिटल सेवाएं, भंडारण क्षमता, सहकारी बैंकिंग, उर्वरक वितरण और बहुराज्यीय सहकारी संस्थाओं के साथ समन्वय जैसे मुद्दे रहेंगे। इसके जरिए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, किसानों की आय बढ़ाने और गांवों में रोजगार के नए अवसर तैयार करने पर जोर रहेगा।

छत्तीसगढ़ दिखाएगा अपना सहकारी मॉडल

छत्तीसगढ़ सम्मेलन में सहकारिता के क्षेत्र में किए गए अपने काम और उपलब्धियों को भी साझा करेगा। सहकारिता सचिव डॉ. सी. आर. प्रसन्ना के मुताबिक ‘सहकार से समृद्धि’ के तहत प्रदेश में अब तक 515 नए एम-पैक्स, 356 मत्स्य, 364 दुग्ध, 153 लघु वनोपज और 63 महिला बहुउद्देशीय सहकारी समितियां गठित की गई हैं। वहीं ‘सहकारिताओं में सहकार’ अभियान के तहत जिला सहकारी केंद्रीय बैंकों में 3.18 लाख नए किसानों के खाते खोले गए हैं।

2,058 एम-पैक्स में माइक्रो ATM, ₹324 करोड़ से ज्यादा लेनदेन

सहकारी समितियों को डिजिटल सेवाओं से जोड़ने की दिशा में भी राज्य में काम हुआ है। एम-पैक्स को कॉमन सर्विस सेंटर के रूप में विकसित किया गया है।

प्रदेश के 2,058 एम-पैक्स में उपलब्ध माइक्रो एटीएम के जरिए अब तक ₹324 करोड़ से अधिक का लेनदेन होने की जानकारी दी गई है। इस मॉडल को सम्मेलन में दूसरे राज्यों के साथ भी साझा किया जाएगा।

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गोदामों से बढ़ेगी गांवों की भंडारण क्षमता

किसानों की उपज के भंडारण के लिए एम-पैक्स स्तर पर 200 मीट्रिक टन क्षमता वाले गोदाम बनाए जा रहे हैं। RIDF योजना के तहत 725 एम-पैक्स में गोदामों का निर्माण किया जा चुका है। वहीं 2025 में जर्जर या गोदाम विहीन 100 एम-पैक्स के लिए निर्माण की योजना स्वीकृत की गई है। इसके अलावा नए गठित 515 एम-पैक्स में भी गोदाम प्रस्तावित हैं।

विकेंद्रीकृत अनाज भंडारण योजना के तहत छत्तीसगढ़ के 46 एम-पैक्स चयनित किए गए हैं। इनमें 20 के लिए ऋण स्वीकृत, 9 को एएमआई सब्सिडी और 6 में निर्माण शुरू होने की जानकारी दी गई है।

एम-पैक्स से राष्ट्रीय संस्थाओं तक सीधा जुड़ाव

राज्य के सहकारी नेटवर्क को राष्ट्रीय संस्थाओं से जोड़ने की दिशा में भी विस्तार हुआ है। उपार्जन के लिए NCCF को 14 और NAFED को 15 जिलों में एजेंसी बनाया गया है। NCCF में प्रदेश के 2,058 और NAFED में 412 एम-पैक्स का पंजीयन हुआ है।

वहीं 1,681 एम-पैक्स राष्ट्रीय सहकारी निर्यात समिति, 1,633 राष्ट्रीय जैविक सहकारी समिति और 1,746 भारतीय बीज सहकारी समिति से जुड़े हैं।

एथेनॉल से खेती को बाजार और युवाओं को रोजगार

सहकारिता के जरिए कृषि उपज में मूल्य संवर्धन पर भी छत्तीसगढ़ अपना मॉडल प्रस्तुत करेगा। कोंडागांव में 80 KLPD क्षमता का एथेनॉल संयंत्र स्थानीय मक्का के उपार्जन और रोजगार से जुड़ा है। भोरमदेव में PPP मॉडल पर चल रहा 80 KLPD संयंत्र सहकारी शक्कर कारखाने के लिए आय का माध्यम बन रहा है।

इसके अलावा पंडरिया, अंबिकापुर और बालोद में तीन और एथेनॉल संयंत्रों की स्थापना की प्रक्रिया जारी है। सरकार के मुताबिक इन परियोजनाओं से कृषि उपज के मूल्य संवर्धन के साथ रोजगार और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।

बस्तर की समितियों को भी देखेंगे देशभर के अधिकारी

सम्मेलन के दूसरे दिन नाबार्ड और राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (NCDC) अगले पांच वर्षों के वित्तीय सहयोग और राज्यवार लक्ष्यों की रूपरेखा प्रस्तुत करेंगे। इसके साथ देशभर से आए अधिकारी बस्तर की एम-पैक्स, लघु वनोपज और जनजातीय सहकारी समितियों का दौरा भी करेंगे।

यानी दो दिनों के इस सम्मेलन में जगदलपुर से सिर्फ योजनाओं पर चर्चा नहीं होगी, बल्कि बस्तर के जमीनी सहकारी मॉडल को राष्ट्रीय स्तर पर देखने और समझने का अवसर भी मिलेगा।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था, किसान, डिजिटल बैंकिंग, भंडारण, कृषि इनपुट, निर्यात और स्थानीय रोजगार—इन सभी को सहकारिता से जोड़ने की दिशा में जगदलपुर सम्मेलन महत्वपूर्ण मंच बनने जा रहा है। छत्तीसगढ़ के लिए यह अपने मॉडल को राष्ट्रीय स्तर

cgnews24 Team

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